फतेहपुर: यह मामला उतर प्रदेश के फतेहपुर के भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने एक मकबरे पर दवा ठोकते हुए कहा की इस मकबरे में पहले वर्ष 2012 से पहले प्राचीन इमारत ठाकुरद्वारा थी। इसमें हिंदू समुदाय के लोग पूजा-अर्चना करते थे। फतेहपुर के आबूनगर के रेड्डया मोहल्ले में स्थित एक पुराने धार्मिक स्थल मकबरा का धार्मिक मामला है। भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने कहा हमारी पार्टी हमेसा से कानून का पालन करती है। गौरतलब है कि जन्माष्टमी के अवसर पर हिंदू संगठनों ने इस स्थल को ठाकुरद्वारा बताते हुए पूजा-अर्चना की घोषणा की थी। फ़िलहाल इस मामले को पोलिस ने आपमें कब्जे में करते हुए मकबरे में आवा जाहि प्रतिबंधित कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में आधार कार्ड दिखारकर ही अनुमति दे रहा है। भाजपा ने कहा हमारे पास सारे तथ्य और सबूत मौजूद है।
धार्मिक स्थल विवाद की आज समीक्षा हो सकती है
आबूनगर क्षेत्र के रेड्डया में धार्मिक स्थल (मकबरा) को लेकर हुए विवाद और उसके बाद जिले में बिगड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शासन बेहद गंभीर है। उच्च अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं रही। प्रयागराज के मंडलायुक्त की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में भी पुलिस-प्रशासन की गंभीर लापरवाही की ओर इशारा किया गया है।
पूरे प्रकरण की 18 अगस्त को मुख्यमंत्री स्वयं समीक्षा कर सकते हैं। घटना के दिन से ही मुख्यमंत्री कार्यालय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।