विधानसभा चुनाव के मतदान के दिन ड्यूटी पर अनुपस्थित रहे शिक्षक व कर्मचारियों के खिलाफ सीपरी बाजार में दर्ज मुकदमा की विवेचना में तेजी आ गयी है। बीएसए नीलम यादव ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों से विधानसभा चुनाव के मतदान के दिन 3 मई 2023 को अनुपस्थित रहे शिक्षक- शिक्षिकाओं के अवकाश, ड्यूटी से मुक्त कर दूसरे कर्मचारी की ड्यूटी लगाने आदि की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इससे शिक्षक-शिक्षिकाओं में अफरा-तफरी का स्थिति है।
सीपरी थाने किया गया था मुकदमा दर्ज
विधानसभा चुनाव ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहने पर तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर सीपरी बाजार थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में दिए गए नोटिस के जवाब में शिक्षक- शिक्षिकाओं ने व्यक्तिगत स्तर पर जवाब तो दिए, लेकिन इसे अधिकारियों से सत्यापित नहीं कराया गया। इसलिए अब इन सभी को लेकर जिला बेसिक अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में विवेचना अधिकारी बदलने के बाद लांच में रोजी आ गयी है। नवनियुक्त, विवेचना अधिकारी/चौकी प्रभारी भोजला मंडी रूपेश कुमार ने बीएसए को अनुपस्थित रहे शिक्षक- शिक्षिकाओं को लेकर मतदान के दिन किसी प्रकार के अवकाश, ड्यूटी से मुक्त कर दूसरे अधिकारी व कर्मचारी की ड्यूटी लगाने आदि का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। इस पर बीएसए ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा मतदान के दिन 59 कर्मचारी व शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें 24 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हैं।
बीएलओ और चुनाव ड्यूटी करने वालों के नाम शामिल
विधानसभा चुनाव के मतदान के दौरान अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिसमे कुछ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ड्यूटी भी की, फिर भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। बगरा के वमन भगवों की सहायक अध्यापिका रजनी सक्सेना, सहायक अध्यापिका अनुराधा बिरथरे ने मतदान में प्रतिभाग किया था, लेकिन इनका नाम मुकदमे मे शामिल है। इधर शैलेन्द्र कुमार सागर बीएलओ की ड्यूटी कर रहे थे और उन्होंने मतदान अधिकारी की ड्यूटि कटवाने को पत्र लिखा था । पर. उनकी बीएलओ को ड्यूटी के बाद भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसी प्रकार अन्य ब्लॉक में भी यही स्थिति है।