अयोध्या में 22 जानवरी को होने वाले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या पूरी तरह से छावनी में तब्दील में हो गई है। अयोध्या में एंट्री प्वाइंट से लेकर मंदिर प्रांगण तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस और एटीएस कमांडो की तैनाती की गई है। अत्याधुनिक सुरक्षा यंत्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अयोध्या पर नजर रखने के लिए ब्लैककैट कमांडो, बख्तरबंद गाड़ियां और ड्रोनों की तैनाती की गई है। साथ ही एनडीआरएफ की टीम सरयू नदी में मोहड़ा संभाल चुकी है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी अयोध्या को अभेद्य किला बना दिया है।
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ देश की कई जानी-मानी हस्तियां भी शिरकत करेंगी। देश के बड़े उद्योगपति से लेकर कई बॉलीवुड स्टार भी शामिल होंगे। ऐसे में सुरक्षा पूरी तरह से चाक चौबंद की जा रही है. शहर के हर एक चौक-चौराहे पर पुलिस और एटीएस कमांडो के जवान तैनात हो चुके हैं। सुरक्षा को देखते हुए शनिवार से अयोध्या में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक भी लग गई है।
स्थानीय लोगों को दिया गया है पहचान पत्र
22 जनवरी को अयोध्या में हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें कई वीआईपी गेस्ट भी मौजूद होंगे. सुरक्षा में किसी भी तरह की खामी न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस सहित केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट हैं। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को पहचान पत्र भी दिया गया है।
अयोध्या का बॉर्डर शनिवार (20 जनवरी) से सील कर दिया गया है और बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। यातायात को देखते हुए शुक्रवार (19 जनवरी) की रात से ही ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है। अमेठी, सुल्तानपुर, गोंडा, लखनऊ, बस्ती से आयोध्या की ओर आने गाड़ियों को अलग-अलग रास्तों से उनके गंतव्य स्थान पर भेजे जाने की तैयारी है।
सीसीटीवी और AI से रखी जाएगी निगरानी
मंदिर की सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पीएसी को लगाया गया है। यूपी पुलिस ने शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। इसके अलवा शहर में एआई (AI), सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को मुख्य यजमान के रूप में प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे और राम मंदिर का उद्घाटन करेंगे। पीएम की सुरक्षा में लगे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी के 1400 जवानों को मंदिर के ठीक बाहर रेड जोन में तैनात किया जाएगा।