उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बाबर अली की लिंचिंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बाबर अली को उसके ही पट्टीदारों ने पीट-पीटकर मार डाला था। आरोप है कि चुंकि बाबर ने बीजेपी की जीत पर लड्डू बांटे थे और 20 मार्च को दुकान से लौटते समय ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया था इसलिए उसकी लिंचिंग की गई। इस मामले में पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीएम योगी ने घटना पर दु:ख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
बाबर, कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र के कठघरहीं गांव के रहने वाला था। उसके पिता का नाम सूबेदार अली था। वह अपने भाइयों में सबसे छोटा था। बाबर गांव के अमवा चौराहे पर मुर्गा बेचने का काम करता था। 12 साल पहले उसके बड़े भाई रुस्तम अली की मौत हो चुकी है। जबकि एक अन्य भाई चंदे आलम मुंबई में टेलरिंग का काम करता है।
बाबर के साथ घर पर उसकी मां, पत्नी और बेटा-बेटी रहते थे। पिता की मौत के बाद वह अपने भाई चंदे आलम से अलग हो गया था। बाबर के बेटे की उम्र चार साल और बेटी की छह साल है। बताया जा रहा है कि यूपी चुनाव 2022 के कुछ समय पहले से बाबर का झुकाव भाजपा की ओर हो गया था। चुनाव के दौरान वह भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं के सम्पर्क में रहकर पार्टी का प्रचार करता रहा। बाबर अली को यूं तो ज्यादा समय नहीं मिलता था फिर भी वह दुकान से कुछ समय निकालकर प्रचार करता था। बाबर के परिवार के मुताबिक भाजपा की ओर उसका झुकाव पट्टीदारों को पसंद नहीं था। उन्होंने कई बार उसे हिदायद दी, दबाव बनाने की कोशश की लेकिन बाबर नहीं माना। 10 मार्च नतीजे भाजपा के पक्ष में आए तो बाबर खुलकर इसकी खुशी मनाने लगा। उसने गांव में मिठाइयां बांटनी शुरू दीं।
मिठाई बांटने से गुस्से में थे पट्टीदार
बीजेपी की जीत पर बाबर के मिठाई बांटने से पट्टीदार गुस्से में थे। बताया जा रहा है कि 20 मार्च को दुकान से लौटते समय बाबर ने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया। इसके बाद ताहिद, अजीमुल्लाह, परवेज और आरिफ ने अपने साथियों के साथ उसे जमकर मारा पीटा। बुरी तरह घायल बाबर को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। 25 मार्च को लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बच्चे हुए अनाथ, पत्नी ने दर्ज कराया केस
बाबर की मौत के बाद उसके बच्चे अनाथ हो गए हैं। परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। बाबर की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पहले पीटा फिर छत से नीचे फेंक दिया
बाबर की पत्नी फातमा ने आरोप लगाया कि उसके पति को पहले बेरहमी से पीटा गया फिर छत से नीचे फेंक दिया गया। जान बचाने के बाबर छत पर भागा था लेकिन पट्टीदार वहां भी पहुंच गए उन्होंने बाबर को पकड़कर छत से नीचे फेंक दिया। बुरी तरह घायल बाबर को परिवारवाले रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। वहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया जहां 25 मार्च को उसकी मौत हो गई।
भाजपा नेताओं का गुस्सा भड़का, बोले-कोई बचेगा नहीं
बाबर की हत्या को लेकर बीजेपी नेताओं का गुस्सा भड़क गया है। भाजपा के स्थानीय विधायक पीएन पाठक बाबर के जनाजे को कंधा देने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा। बीजेपी सांसद बृजलाल इसके लिए सपा को जिम्मेदार ठहराया। एक निजी चैनल से बातचीती में उन्होंने कहा कि सपाइयों को पूरा विश्वास था कि अखिलेश यादव आ रहे हैं। जब उनकी सरकार नहीं बनी तो वे बौखला गए हैं और इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांसद जगदम्बिका पाल ने भी कहा कि यह कृत्य नाकाबिले बर्दाश्त है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।