नए संसद भवन में लोकसभा की कार्यवाही के दौरान पहला बिल पेश किया। पहला बिल महिला आरक्षण से जुड़ा हुआ है। इसका नाम ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ है। इस बिल के समर्थन में कई लोग हैं तो कई इसका विरोध भी कर रहे है। अब महिला आरक्षण बिल पर सपा सांसद डिंपल यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। जिसमे उन्होंने भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है।
डिंपल यादव का कहना है कि, सरकार को नौ साल पूरे हो गए हैं। अगर इन्हें महिला आरक्षण बिल लाना था तो ये पहले ला सकते थे। ये इसे आखिरी साल में ला रहे हैं, जब चुनाव हैं।
डिंपल यादव ने कहा कि, सपा ने हमेशा इसका समर्थन किया है और हम सभी चाहते हैं कि ओबीसी महिलाओं का भी इसमें आरक्षण निर्धारित हो, क्योंकि जो आखिरी पंक्ति में खड़ी महिलाएं हैं उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।
डिंपल यादव के अलावा उनके पति और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि, ‘नये संसद भवन के लिए सभी देशवासियों और सभी वर्तमान व भूतपूर्व सांसदों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!’
अखिलेश ने आगे लिखा, ‘आशा है देश की स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा को ये नया विस्तारित परिसर नया राजनीतिक-वैचारिक विस्तार भी देगा और सांसदों के लिए ये नयापन सिर्फ़ भवन का नहीं मनन का भी होगा। उम्मीद है कि हमारी पुरानी संसद सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी और नयी संसद नयी लोकतांत्रिक चेतना के लिए प्रकाश स्तंभ बनेगी।’