Farmer Murder in Firozabad: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में नारखी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी कल्याण में राजस्व टीम पर हमले का मामला शासन तक पहुंच गया। इसके बाद शासन के आदेश पर इस मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है। यहां बीते मंगलवार को 32 बीघा जमीन पर किसान को कब्जा दिलाने गई राजस्व टीम पर दबंगों ने हमला कर दिया था। इस दौरान खेत स्वामी सेवानिवृत्त उद्यान निरीक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया था। इसमें उनकी मौत हो गई थी। हमले में दो महिला सिपाही भी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
शुक्रवार को हुई किसान की श्रद्धांजलि सभा में पीड़ित परिवार और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा से जुड़े लोगों ने दक्षिण थाने के इंस्पेक्टर प्रदीप पांडेय पर रुपये लेने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कुछ माह पहले नारखी थाने में तैनाती के समय उन्होंने खेत पर कब्जा दिलाने के नाम पर रिटायर्ड उद्यान निरीक्षक से एक लाख रुपये मांगे थे। रिटायर्ड उद्यान निरीक्षक और किसान जगदीश पाल ने 50 हजार रुपये उन्हें दिए थे। इसके बाद भी न खेत पर कब्जा दिलाया और न रुपये लौटाए। इसकी शिकायत एसएसपी से की गई थी। एसएसपी ने प्रदीप पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया। उनके स्थान पर पुलिस लाइन से वैभव कुमार सिंह थानाध्यक्ष बनाया गया है।
एक सप्ताह पहले हुई थी दिल दहलाने वाली घटना।
बीते मंगलवार को फिरोजाबाद के नारखी थानाक्षेत्र के गांव गढ़ी कल्याण में कोर्ट के आदेश पर राजस्व टीम 32 बीघा जमीन पर किसान को कब्जा दिलाने गई थी। रिटायर्ड उद्यान निरीक्षक जगदीश पाल सिंह ने यह जमीन खरीदी थी। इस बीच हुए विवाद में विपक्षी नेत्रपाल और उसके परिजनों ने टीम पर हमला कर दिया था। उन्होंने तहसीलदार की गाड़ी में टक्कर मार दी थी। घटना के समय जगदीश पाल सिंह के साथ उपस्थित उनके पुत्र योगेंद्र पाल सिंह सहित अन्य परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना है कि उनके पिता की हत्या षड़यंत्र के तहत कराई गई। एसडीएम सदर और इंस्पेक्टर स्वयं मौके पर नहीं गए। जो टीम मौके पर पहुंची उसकी भी सूचना विपक्षियों को दे दी। यही वजह थी कि वे हथियारों से लैस होकर हमलावर हो गए। इसके बाद सबके सामने उनके पिता की जघन्य तरीके से हत्या कर दी गई। पुलिस अभी तक नामजद आरोपितों में से मात्र चार को ही गिरफ्तार कर पाई है।
प्रशासन की नीलामी में रिटायर्ड उद्यान निरीक्षक ने खरीदी थी जमीन
दरअसल, गांव गढ़ी कल्याण निवासी नेत्रपाल पर सरकार का करीब छह लाख रुपये कर्ज था। कर्ज न चुकाने पर उसकी 32 बीघा जमीन को प्रशासन नीलाम कर दिया था। इस जमीन को थाना नारखी क्षेत्र के फतेहपुरा निवासी जगदीश प्रसाद पुत्र राम सिंह ने खरीद लिया था। नेत्रपाल ने कोर्ट में अपील दायर की थी। जिसमें कोर्ट ने फैसला जगदीश प्रसाद के पक्ष में सुनाकर प्रशासन को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। इसके बाद भी विपक्षी नेत्रपाल जमीन पर कब्जेदारी जता रहा था। कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व टीम को देखकर नेत्रपाल का पारा चढ़ गया और उसने टीम पर हमला कर दिया।
नेत्रपाल पक्ष के लोगों ने जगदीश पाल सिंह और उनके पुत्र इंद्रपाल पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। बीच बचाव में दो महिला कांस्टेबल राधा देवी और कोमल भी घायल हो गई थी। इस मामले में जगदीश पाल सिंह के बेटे योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि 17 सितंबर को आरोपितों के विरुद्ध नारखी थाने में प्राथमिकी लिखवाई गई थी, लेकिन विवेचक जाहिद अली ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि सीओ टूंडला अनिवेश कुमार सिंह ने उनसे कार्रवाई करने के लिए कहा था।
जानिए क्या बोले अधिकारी?
एसपी सिटी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन पुलिस इंस्पेक्टर, दो एसआई और छह सिपाहियों के लाइनहाजिर कर दिया गया है। एसपी ने बताया हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्दी ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं एसडीएम सदर विकल्प ने बताया कि इस प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार करेंगे। एसडीएम सदर विकल्प ने गढ़ी कल्याण क्षेत्र के लेखपाल अशोक कुमार को निलंबित कर दिया। जबकि कानूनगो कृष्णकांत कठेरिया को क्षेत्र से हटाकर कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है।