Breaking News

सरकारी गनर, VIP प्रोटोकॉल, करोड़ों की ठगी..जानें महाठग अनूप चौधरी की पूरी कहानी

Utter Pradesh News: यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स ने महाठग अनूप चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन बीते दस सालों में उसने कितने लोगों को ठगा इसकी लिस्ट बड़ी लंबी है. जितने मुंह, उतनी बातें, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक अनूप चौधरी को लेकर यही चर्चा है. उसने कई IAS और IPS अफसरों को बेवकूफ बनाया. कई मंत्रियों का करीबी बन कर लोगों को ठगता रहा. अयोध्या के रहने वाले इस ठग को अब एसटीएफ पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है.

कहा जा रहा है कि ठग अनूप चौधरी कई राज उगल सकता है. अखिलेश यादव की सरकार में उसे राज्य मंत्री का दर्जा मिला था. इन दिनों वो खुद को रेल मंत्रालय के सलाहकार समिति का मेंबर बताया करता था. उसे यूपी पुलिस की तरफ़ से सरकारी गनर भी मिला था. यूपी एसटीएफ ने ठग अनूप चौधरी को अयोध्या के सर्किट हाउस से गिरफ्तार किया है.

अनूप चौधरी की गिरफ्तारी को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है. कांग्रेस ने तो वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि बीजेपी के डबल इंजन की सरकार में ठगों का राज चल रहा है. कांग्रेस के वीडियो में बीजेपी के कई बड़े नेताओं के संग अनूप चौधरी की तस्वीरें हैं.

महाठग अनूप चौधरी की सरकारी ठाट-बांट

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि हमारी सरकार में तो सारे ठग जेल जा रहे हैं. सार्वजनिक जीवन में तो कोई भी किसी के साथ फोटो बनवा सकता है. बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि अनूप चौधरी को हमारी सरकार ने सही जगह पहुंचा दिया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने तो उसे राज्य मंत्री तक की कुर्सी पर बैठा रखा था. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील यादव ने कहा कि सच तो यही है कि आज की तारीख में अनूप चौधरी बीजेपी का है.

एसटीएफ को इस बात की शिकायत मिली थी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काम काज के प्रचार प्रसार के नाम पर एक गैंग लोगों से ठगी कर रहा है. इसी केस में अनूप चौधरी का नाम सामने आया. एसटीएफ को जानकारी मिली कि वो अपने साथियों संग अयोध्या के सर्किट हाउस में ठहरा है.

ये भी पता चला कि अनूप चौधरी अपने सरकारी गनर के साथ सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में रामलला के दर्शन करने वाला है. इस गोपनीय सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम अयोध्या सर्किट हाउस पहुंच गई. रात के करीब साढ़े दस बजे एक स्कॉर्पियो गाड़ी नज़र आई.

एसटीएफ की टीम ने गाड़ी रोकी तो एक कांस्टेबल नीचे उतरा. उसने अपना नाम पवन कुमार बताया और कहा कि पीछे की सीट पर अनूप चौधरी बैठे हैं, जो रेल मंत्रालय में सदस्य हैं. उसने अपने आपको चौधरी का गनर बताया. उसी गाड़ी में एक और व्यक्ति बैठा था, जिसने अपना नाम सत्येन्द्र वर्मा बताया. वर्मा ने बताया कि वे लखनऊ का रहने वाला है. उसने बताया कि अनूप चौधरी ने उसे धार्मिक जगहों का दर्शन कराने के लिए एक हेलिकॉप्टर कंपनी बनाने का सुझाव दिया है.

तीन राज्यों में चल रहे हैं मुकदमे

वर्मा ने कहा कि उन्हें इस काम की कोई जानकारी नहीं है, पर चौधरी ने कहा था कि सब तरह की मदद हो जाएगी. मुझे उन्होंने अयोध्या दर्शन के लिए बुलाया तो आ गया. अनूप चौधरी को सर्किट हाउस में ठहरने की इजाजत कैसे मिली, एसटीएफ इसकी भी जांच कर रही है.

यूपी सरकार अब इस बात की भी जांच कर रही है कि अनूप चौधरी को गाजियाबाद से सरकारी गनर कैसे मिला. चौधरी फर्जी प्रोटोकॉल का धौंस दिखा कर लोगों को अपने प्रभाव में लेता था. इसके लिए उसने एक व्यक्ति को अपना ओएसडी भी बना रखा था.

चौधरी के खिलाफ देश के तीन राज्यों में धोखाधड़ी के मुकदमे चल रहे हैं. राजस्थान के जयपुर और उत्तराखंड के नैनीताल जिले में उस पर केस दर्ज हैं. इसके अलावा यूपी में लखनऊ, बरेली, प्रयागराज और शामली में भी कई मुकदमे चल रहे हैं.अनूप चौधरी काम कराने के बदले उद्योगपतियों से लाखों रुपए ठग लिया करता था.

शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि मोदी सरकार के एक बड़े मंत्री के यहां अनूप चौधरी का आना-जाना था. उसके मोबाइल फोन से यूपी के कुछ सीनियर मंत्रियों, नेताओं और अफसरों के ह्वाट्सऐप चैट भी मिले हैं. अनूप चौधरी को अखबारों में छपने और टीवी पर दिखने का भी बड़ा शौक था. उसने कुछ टीवी न्यूज चैनलों के कांक्लेव को भी प्रायोजित किया था. इसमें भी उसने धोखाधड़ी की थी. उसने जितने पैसे देने का वादा किया था, उतना नहीं दिया.

यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स ने महाठग अनूप चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन बीते दस सालों में उसने कितने लोगों को ठगा इसकी लिस्ट बड़ी लंबी है. जितने मुंह, उतनी बातें, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक अनूप चौधरी को लेकर यही चर्चा है. उसने कई IAS और IPS अफसरों को बेवकूफ बनाया. कई मंत्रियों का करीबी बन कर लोगों को ठगता रहा. अयोध्या के रहने वाले इस ठग को अब एसटीएफ पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है.

कहा जा रहा है कि ठग अनूप चौधरी कई राज उगल सकता है. अखिलेश यादव की सरकार में उसे राज्य मंत्री का दर्जा मिला था. इन दिनों वो खुद को रेल मंत्रालय के सलाहकार समिति का मेंबर बताया करता था. उसे यूपी पुलिस की तरफ़ से सरकारी गनर भी मिला था. यूपी एसटीएफ ने ठग अनूप चौधरी को अयोध्या के सर्किट हाउस से गिरफ्तार किया है.

अनूप चौधरी की गिरफ्तारी को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है. कांग्रेस ने तो वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि बीजेपी के डबल इंजन की सरकार में ठगों का राज चल रहा है. कांग्रेस के वीडियो में बीजेपी के कई बड़े नेताओं के संग अनूप चौधरी की तस्वीरें हैं.

महाठग अनूप चौधरी की सरकारी ठाट-बांट
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि हमारी सरकार में तो सारे ठग जेल जा रहे हैं. सार्वजनिक जीवन में तो कोई भी किसी के साथ फोटो बनवा सकता है. बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि अनूप चौधरी को हमारी सरकार ने सही जगह पहुंचा दिया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने तो उसे राज्य मंत्री तक की कुर्सी पर बैठा रखा था. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील यादव ने कहा कि सच तो यही है कि आज की तारीख में अनूप चौधरी बीजेपी का है.

एसटीएफ को इस बात की शिकायत मिली थी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काम काज के प्रचार प्रसार के नाम पर एक गैंग लोगों से ठगी कर रहा है. इसी केस में अनूप चौधरी का नाम सामने आया. एसटीएफ को जानकारी मिली कि वो अपने साथियों संग अयोध्या के सर्किट हाउस में ठहरा है.

ये भी पता चला कि अनूप चौधरी अपने सरकारी गनर के साथ सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में रामलला के दर्शन करने वाला है. इस गोपनीय सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम अयोध्या सर्किट हाउस पहुंच गई. रात के करीब साढ़े दस बजे एक स्कॉर्पियो गाड़ी नज़र आई.

एसटीएफ की टीम ने गाड़ी रोकी तो एक कांस्टेबल नीचे उतरा. उसने अपना नाम पवन कुमार बताया और कहा कि पीछे की सीट पर अनूप चौधरी बैठे हैं, जो रेल मंत्रालय में सदस्य हैं. उसने अपने आपको चौधरी का गनर बताया. उसी गाड़ी में एक और व्यक्ति बैठा था, जिसने अपना नाम सत्येन्द्र वर्मा बताया. वर्मा ने बताया कि वे लखनऊ का रहने वाला है. उसने बताया कि अनूप चौधरी ने उसे धार्मिक जगहों का दर्शन कराने के लिए एक हेलिकॉप्टर कंपनी बनाने का सुझाव दिया है.

तीन राज्यों में चल रहे हैं मुकदमे
वर्मा ने कहा कि उन्हें इस काम की कोई जानकारी नहीं है, पर चौधरी ने कहा था कि सब तरह की मदद हो जाएगी. मुझे उन्होंने अयोध्या दर्शन के लिए बुलाया तो आ गया. अनूप चौधरी को सर्किट हाउस में ठहरने की इजाजत कैसे मिली, एसटीएफ इसकी भी जांच कर रही है.

यूपी सरकार अब इस बात की भी जांच कर रही है कि अनूप चौधरी को गाजियाबाद से सरकारी गनर कैसे मिला. चौधरी फर्जी प्रोटोकॉल का धौंस दिखा कर लोगों को अपने प्रभाव में लेता था. इसके लिए उसने एक व्यक्ति को अपना ओएसडी भी बना रखा था.

चौधरी के खिलाफ देश के तीन राज्यों में धोखाधड़ी के मुकदमे चल रहे हैं. राजस्थान के जयपुर और उत्तराखंड के नैनीताल जिले में उस पर केस दर्ज हैं. इसके अलावा यूपी में लखनऊ, बरेली, प्रयागराज और शामली में भी कई मुकदमे चल रहे हैं.अनूप चौधरी काम कराने के बदले उद्योगपतियों से लाखों रुपए ठग लिया करता था.

शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि मोदी सरकार के एक बड़े मंत्री के यहां अनूप चौधरी का आना-जाना था. उसके मोबाइल फोन से यूपी के कुछ सीनियर मंत्रियों, नेताओं और अफसरों के ह्वाट्सऐप चैट भी मिले हैं. अनूप चौधरी को अखबारों में छपने और टीवी पर दिखने का भी बड़ा शौक था. उसने कुछ टीवी न्यूज चैनलों के कांक्लेव को भी प्रायोजित किया था. इसमें भी उसने धोखाधड़ी की थी. उसने जितने पैसे देने का वादा किया था, उतना नहीं दिया.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *