राजस्थान की 2 बार मुख्यमंत्री रह चुकीं वसुंधरा राजे जल्द ही एक बार फिर सीएम की कुर्सी पर बैठें इसकी संभावना कम नजर आ रही है। कुंडली के अनुसार, वर्तमान में उनकी राहु की महादशा में शनि की अंतर्दशा चल रही है। राहु और शनि उनकी कुंडली में योगकारक होने के बावजूद उच्च सकारात्मक परिणाम देने की स्थिति में कम ही नजर आ रहे हैं। शनि उच्च राशि में होकर वक्री चाल चल रहे हैं। यह उनके नीचस्थ होने का प्रमाण देता है। वहीं राहु भाग्य स्थान में कम प्रभावशाली माने जाते हैं। इसका मतलब ये है की वसुंधरा राजे की सीएम बनने की सम्भावना कम है।
ऐसे में समझा जा सकता है यदि उन्हें राजस्थान की सत्ता दोबारा मिलती है तो यह आसानी से प्राप्त नहीं होगी। अप्रत्याशित राजनीति और जोड़-तोड़ में भले ही राहु और शनि मिलकर उनके सितारे बुलंद बना सकते हैं। छाया ग्रह राहु को तो अप्रत्याशित परिणाम देने के लिए जाना जाता है। शनि की कमजोर स्थिति वसुंधरा राजे को राजनीतिक समीकरणों में उतना प्रभावशाली नहीं बना पा रही है जितना उनसे लोगों को अपेक्षा है। ऐसे में दोबारा सत्ता वापसी में उनकी राह कठिन नजर आती है।
अंक ज्योतिष से समझा जाए तो उनका जन्मांक 8 और भाग्यांक 2 है। वे पहले ही दो बार राजस्थान की पूर्णकालिक मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। आगे यदि वो मुख्यमंत्री का पद पाती हैं तो उन्हें देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा की जरूरत होगी। जो वर्तमान में उनके गोचर में छठे भाव में संचरण कर विपक्षियों को सक्रिय बनाए हुए है। कुंभ का शनि का ढैया भी उन्हें राजनीतिक हितलाभ में बाधा पहुंचा रहा है। श्रीमति वसुंधरा राजे का जन्म उपलब्ध जानकारी के अनुसार 8 मार्च 1953 को दोपहर में मुंबई मे हुआ था।