जमीन का चिह्नांकन कराने के नाम पर घूस लेना लेखपाल को महंगा पड़ गया। घाटमपुर निवासी युवक जमीन का चिह्नांकन कराने के नाम पर कई महीनों से घाटमपुर तहसील के चक्कर काट रहा था। जमीन का चिह्नांकन कराने के नाम पर लेखपाल 7 हजार रूपये की घूस मांग रही थी। जिसकी शिकायत किसान ने एंटी करप्शन से की। मंगलवार को चार हजार रिश्वत लेते हुए टीम ने लेखपाल व उसके साथी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
घाटमपुर के घना मतीरामपुर के मकरंदपुर मजरा निवासी राजेश साहू के तीन भाईयों का हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा है। राजेश ने अपनी पैतृक संपत्ति बंटवारे का केस एसडीएम कोर्ट में डाला हुआ था। लेखपाल की रिपोर्ट के बिना बंटवारा संभव नहीं है। संपत्ति के बंटवारे के वह चिह्नांकन कराने के लिए बीते काफी समय से घाटमपुर तहसील में तैनात लेखपाल अंजलि यादव के पास जा रहे थे।
उन्होंने बताया कि, जमीन चिह्नांकन कराने के लिए वह बीते कई महीनों से घाटमपुर तहसील के चक्कर काट रहे थे। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नही हो रही थी। 15 दिन पूर्व राजेश साहू दोबारा लेखपाल अंजलि यादव के पास पहुंचे तो उन्होंने जमीन चिह्नांकन के नाम पर सात हजार रूपये की रिश्वत की मांग की। पैसे न देने पर ऐसे ही चक्कर काटने की बात कही।
करीब एक सप्ताह पूर्व राजेश ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को राजेश को चार हजार रूपयों में फिलैन्थीन पाउडर लगाकर लेखपाल अंजलि यादव के पास भेजा। राजेश जैसे ही लेखपाल अंजलि को रूपए देने लगा तो लेखपाल ने साथी घाटमपुर के बारा दौरलपुर सीमा फोटो कॉपी शाप संचालक शिवराज सिंह को पैसे देने की बात कही।
किसान ने शिवराज को चार हजार रूपये सौप दिए। शिवराज ने जैसे ही पैसे अंजलि को दिए तो मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने अंजलि और शिवराज को गिरफ्तार कर लिया। टीम दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हनुमंत विहार थाने ले आई। जहां टीम ने करीब तीन घंटे तक दोनों आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ के बाद हनुमंत विहार थाने में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।