उत्तर प्रदेश युवाओं का प्रदेश कहा जाता है और युवाओं की भागीदारी कैसे बढ़े इसके लिए बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आंनद को अपना उत्तराधिकारी घोषित करके एक बड़ा दाव खेला है। आकाश आंनद अब प्रदेश में युवाओं को जोड़ने की कवायद में जुट गए है। दरअसल आकाश आनंद का नया बंगला माल एव्यूनु में बन कर तैयार हो गया है। जहां से 50 प्रतिशत युवाओं को जोड़ने की कवायद शुरू हो गयी है।
बसपा ने पार्टी के अनुभवी नेताओं को दरकिनार कर युवा चेहरे आकाश आनंद पर दांव लगाया है। इसको लेकर अभी तक कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन मायावती के इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि वह आकाश को भविष्य की राजनीति के लिए अभी से तैयार करना चाहती हैं। जिससे वह राजनीतिक दांव-पेंच, चुनाव प्रचार और अन्य पहलुओं का अनुभव मिल सके।
आकाश की राजनीति में एंट्री साल 2017 में हुई थी
बता दें आकाश की राजनीति में एंट्री साल 2017 में हुई थी। उसी साल सहारनपुर रैली में पहली बार मायावती के साथ मंच पर दिखे थे। वर्तमान में आकाश पार्टी के नेशनल के कोऑर्डिनेटर हैं। मायावती ने ही साल 2017 में सहारनपुर रैली में आकाश को लांच किया था। आकाश के लांचिक के बाद यूपी में बसपा लगातार कमजोर हुई। जहां, 2017 और 2019 में पार्टी को बड़ी हार हुई तो वहीं 2022 यूपी विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक सीट पर ही सिमट गई। खैर अब देखने वाली बात ये होगी की आकांश आनंद बसपा पार्टी को खराब दौर से निकालने में कितने कामयाब हो पाते हैं।