उत्तर प्रदेश की अमेठी में संजय गांधी अस्पताल में विवाहिता की इलाज के दौरान बरती गई लापरवाही से मौत का मामला राजनीतिक रूप ले गया है। पहले डॉक्टर और अस्पताल प्रशासक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और अब हॉस्पिटल का लाइसेंस ही निरस्त किया गया है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बता दें कि इस अस्पताल में 450 स्टाफ काम करते थे. सभी पर रोजी रोटी का संकट आ गया है. इलके अलावा , इस अस्पताल में 600 नर्सिंग स्टूडेंट्स, 200 पैरामेडिकल स्टूडेंस पढ़ाई करते थे.
आपको बता दे अमेठी के मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर में बेहोश हुई विवाहिता की मौत के मामले में प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करते हुए गेट पर ताला लगा दिया है। वही मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंचा तो स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लिया. इसके बाद जांच शुरू हुई. 17 सितंबर को इस मामले में FIR दर्ज की गई. पुलिस ने अस्पताल के सीईओ सहित चार कर्मचारियों के खिलाफ इलाज के दौरान लापरवाही से मौत होने का मामला दर्ज किया. इसके बाद एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर की अगुवाई में तीन सदस्यों की एक समिति बनाई गई. 18 सितंबर को अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया. बता दें कि अस्पताल प्रशासन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था लेकिन 24 घंटे के अंदर इसके लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया गया.
बता दें कि इस अस्पताल में 450 स्टाफ काम करते थे. सभी पर रोजी रोटी का संकट आ गया है. इलके अलावा , इस अस्पताल में 600 नर्सिंग स्टूडेंट्स, 200 पैरामेडिकल स्टूडेंस पढ़ाई करते थे.
संजय गांधी अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर मनोज मुट्टु ने कहा कि हम इस आदेश के खिलाफ कोर्ट में अपील करेंगे. तीन महीने का समय दिया गया था लेकिन 24 घंटे में अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया. हम इस घटना से इनकार नहीं कर रहे हैं.
सोनिया और राहुल गांधी अस्पताल के ट्रस्टी
इस अस्पताल के बंद होने से वहां के सैकड़ों मरीजो को काफी परेशानी हो रही है. अस्पताल में भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है. इंदिरा गाधी ने 1982 में इस अस्पताल का शुभारंभ किया था. सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस अस्पताल के ट्रस्टी हैं. लाइसेंस कैंसिल होने के बाद सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोल रही है.