कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में लोगों को बिना बाधा के पेयजल मिले इसके लिए 2009 में 869 करोड़ का बजट पास हुआ था और पूरे शहर में वाटर लाइन डालने का काम किया गया था. लेकिन, ये प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया जिसका खामियाजा आज भी आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. आए दिन शहर के अलग-अलग हिस्सों में ये वाटर लाइन फट जाती है और भ्रष्टाचार का फव्वारा निकल पड़ता है. हाल ही में बैराज के पास ही रैना मार्केट में बीच रोड पर एक बार फिर से ये पाइप लाइन फट गई है. बैराज में बने ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की सप्लाई को बंद कर दिया गया है. मरम्मत का काम किया जा रहा है.
दरअसल रोज-रोज पाइप लाइन फटने की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल निगम ने इन पाइपों को सही करने के लिये शासन को खत लिखकर बजट की मांग की थी. अब जल निगम ने एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया है जो 251 करोड़ का है. 251 करोड़ के इस एस्टीमेट में पूरे शहर में डाली गई पाइप लाइन के अंदर माइल्ड स्टील की रेट्रोफिटिंग यानी शहर में बिछी हुई पाइप लाइन के अंदर उसके छोटे साइज का स्टील का पाइप डालने का काम किया जाएगा जिससे कि जगज-जगह तो फाल्ट है वो न हो और जनता तक बिना बाधा के पानी पहुंच सके.
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जल निगम के अधीक्षण अभियंता रामशरण पाल ने बताया कि पहले शासन से इसको ठीक करने के लिए बजट की मांग की गई थी. इसको लेकर एस्टीमेट तैयार कर भेज दिया गया है. इससे पहले 644.91 करोड़ का पूरा बजट था जिसमें 393.93 करोड़ आ चुका है. अब पाइप लाइन के अंदर स्टील की फिटिंग करवाने के लिए शेष बची हुई धनराशि 251 करोड़ रुपये देने के लिए लिए लेटर भेजा गया है. अधीक्षण अभियंता का कहना है कि बजट आने के बाद ये काम तेजी के साथ किया जाएगा जिससे कि आये दिन होने वाले फाल्ट नहीं होंगे और पानी बिना किसी समस्या के लोगों तक पानी पहुंच सकेगा.