उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों विधायक पूजा पाल का नाम सुर्खियों में है। हाल ही में समाजवादी पार्टी ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसकी वजह बनी उनकी विधानसभा में CM योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ।
दरअसल, पूजा पाल ने विधानसभा सत्र के दौरान अतीक अहमद एनकाउंटर पर बोलते हुए कहा था कि “सीएम योगी की सरकार ने हमें न्याय दिलाया और अतीक अहमद को मिट्टी में मिलाने का काम किया”। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें जमकर ट्रोल किया गया, कई लोगों ने आरोप लगाया कि एक सपा विधायक विपक्षी नेता और यूपी के मुख्यमंत्री की तारीफ कर रही हैं।
इस बयान के अगले ही दिन समाजवादी पार्टी ने बड़ा कदम उठाते हुए पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
बर्खास्तगी के बाद पूजा पाल ने कहा— “जो किस्मत में होगा, देखा जाएगा। मैंने CM योगी के काम की तारीफ की थी, क्योंकि उन्होंने अपना दायित्व निभाया। अतीक अहमद के बेटे ने मेरी जिंदगी उजाड़ दी थी।”
इस बीच, 79वें स्वतंत्रता दिवस पर पूजा पाल ने एक बार फिर चर्चा बटोरी। उन्होंने CM योगी के ध्वजारोहण की दो तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं, जिसके बाद मामला और गरम हो गया।
पूजा पाल प्रकरण ने यूपी की राजनीति में एक बार फिर दलगत अनुशासन, व्यक्तिगत बयानबाजी और राजनीतिक वफादारी पर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह विवाद किस मोड़ पर जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।