हमीरपुर पुलिस कप्तान दीक्षा शर्मा की खूब वाहवाही हो रही है, हो भी क्यूं ना, आखिर तेज तर्रार पुलिस कप्तान दीक्षा शर्मा ने वो कर दिखाया है। जिसकी उम्मीद खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ उत्तर प्रदेश पुलिस से करते है। दरअसल हमीरपुर पुलिस कप्तान दीक्षा शर्मा ने मासूम बच्ची का अपहरण करने वाले बदमाश को ऐसा सबक सिखाया कि अब वो अपराध करने के पहले सौ बार सोचेगा। जी हां सुरेंद्र धुरिया नाम के अपहरणकर्ता को पुलिस ने जहां अस्पताल पहुंचाया है तो वहीं 12 घंटे के अंदर बच्ची जो सकुशल बरामद कर वाहवाही लूटी है।
आपको बता कि, 29 नवंबर की शाम करीब 4 बजे हमीरपुर पुलिस कप्तान ऑफिस से सटे अम्बेडकर पार्क से एक 9 साल की बच्ची का अपहरण हुआ था। CCTV कैमरों की पड़ताल जब पुलिस कप्तान दीक्षा शर्मा ने करवाई तो पता चला कि, अपहरण बाइक कार से नही हुई बल्कि साईकिल से बच्ची का अपहरण किया गया। यहीं नहीं पुलिस ने गहराई से छानबीन की तो साईकिल से जिस शख्स ने अपहरण किया, उसका इतिहास भूगोल सामने आ गया। फिर क्या था पुलिस ने 30 नवंबर की सुबह सिटी फारेस्ट के उस इलाके को घेर लिया जहां अपहरणकर्ता बच्ची को लेकर छिपा हुआ था।
पुलिस से खुद घिरा देख अपहरणकर्ता ने गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने भी बदमाश को सबक सिखा दिया। पैर में गोली लगने से घायल सुरेंद्र धुरिया नाम के बदमाश ने अपनी जान भीख मांगते हुए बच्ची के अपाहरण का वो राज को खोला। जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की होगी।
अपहरणकर्ता ने बच्ची के अपहरण को लेकर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। सुपारी मिलने पर उसने बच्ची का अपहरण किया। दो अन्य लोग भी अपहरणकांड में शामिल है। जिसमें एक शख्स मासूम बच्ची का करीबी है।
हमीरपुर से प्रवीन मिश्रा की रिर्पोट nttv bharat