साल 2021 में बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी की एक फिल्म रिलीज हुई थी जिसका टाइटल था कागज। कागज फिल्म में पंकज त्रिपाठी एक ऐसे शख्स का रोल निभाते हैं जो सरकारी कागजों में मर चुका है, लेकिन वो असल में जिंदा है और वो खुद को सरकारी कागजों में जीवत करने के लिए दर दर की ठोकरें खाता है। कागज फिल्म की कहानी असल घटना से प्रेरित है।
अब एक बार फिर से ऐसी ही घटना सामने आई है जहां पर एक शख्स जीवत है लेकिन उसको मृत बनाकर उसकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया है। मामला उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले का है जहां पर जमीन को लेकर ठगी का मामला सामने आया है। चायल तहसील के निजामपुर पुरानी गांव के लेखपाल ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को मृत दिखाकर उसकी जमीन दो महिलाओं के नाम पर वसीयत कर दी।
शनिवार को मामला तब खुला जब खुद कथित मृतक संतलाल ने तहसील पहुंचकर अपने को जिंदा होने का सबूत दिया। पीड़ित बुजुर्ग ने संबंधित अधिकारियों से फरियाद लगाते हुए अपनी ही जमीन को फिर से अपने नाम कराने की अपील की है।
समाधान दिवस पर डीएम, एसपी, एसडीम सहित जिले के तमाम अधिकारी चायल तहसील में मौजूद थे। तभी चायल तहसील के एसडीएम दीपेंद्र यादव ने बुजुर्ग संतलाल से बातचीत कर उनकी परेशानी सुनी। संतलाल ने बताया कि, मेरी भूमधारी आराजी जमीन लेखपाल ने अभिलेख में उसे मृत दिखाते हुए दो महिलाओं के नाम पर वसीयत कर दिया है। चायल एसडीएम दीपेंद्र यादव ने मामले की जांच नायब तहसीलदार से कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
चायल तहसील इलाके के निजामपुर पुरैनी गांव के रहने वाले संतलाल ने बताया कि, गांव में उसकी भूमदारी जमीन है। पिछले दिनों जानकारी हुई कि लेखपाल ने कागजों में उसे मृत दिखा दिया है। साथ ही चिलौली गांव की दो महिलाओं के नाम पर जमीन को वसीयत कर दिया है। संतलाल के मुताबिक उसकी जमीन पर कब्जा किए जाने का भी प्रयास हो रहा था। कब्जा रोकते हुए उसने दोषियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई किए जाने की भी मांग की थी।
पीड़ित बुजुर्ग का कहना है कि, वह भू माफियों से परेशान होकर काफी समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। इधर, लेखपाल ने उसे मृत दिखाकर उसकी जमीन दो महिलाओं के नाम पर वसीयत कर दी। पीड़ित का कहना है कि एसडीएम दीपेंद्र यादव ने बताया कि वह इस पूरे मामले की जांच करवाएंगे। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले पर चायल एसडीएम दीपेंद्र यादव ने कहा कि, निजामपुर पुरैनी गांव के रहने वाले बुजुर्ग संतलाल ने बताया कि उसकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा था। तभी उसने इंटरनेट के माध्यम से खतौनी को निकाला तो जानकारी हुई की जमीन पर दो महिलाओं का नाम चढ़ा दिया गया है। इसकी जानकारी मिली है, इस पूरी जांच को नायब तहसीलदार को दी गई है, जो भी इसमें दोषी होंगे। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।