उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में छेड़खानी व मारपीट का मुकदमा दर्ज न होने से नाराज दर्जनों की संख्या से अधिक ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आवास पर इकट्ठा होकर न्याय की गुहार लगाने लगे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी आवास घेरने की सूचना जैसे ही नगर कोतवाली पुलिस को लगी तो उनके पसीने छूट गए। आनन फानन में नगर कोतवाली की पुलिस डीएम आवास पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाने में जुट गई।
दरअसल जिलाधिकारी आवास के बाहर न्याय की गुहार लगाने वाले ग्रामीण लंभुआ थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले है। ग्रामीणों को आरोप है कि, गांव के रहने वाले एक दलित की नाबालिक बेटी गांव में बकरी चरा रही थी तभी गांव का रहने वाला विकास चौबे ने नाबालिक बच्ची को पकड़ लिया और झाड़ी में ले जाकर जबरदस्ती करने का प्रयास करने लगा। इस पर बच्ची ने शोर मचाया तो लड़की का भाई अपनी बहन को बचाने के लिए पहुंचा तो विकास ने नाबालिक बच्ची और उसके भाई की जमकर पिटाई कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
बच्ची और उसके भाई ने पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी तो परिजन विकास चौबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए लंभुआ थाने पहुंचे तो वहां पुलिस ने पीड़ित परिवार की सुनवाई नहीं की और न नाबालिक बच्ची का मेडिकल ही करवाया। थक हार परिजन न्याय की गुहार लगाने जिलाधिकारी आवास पहुंच गए और इंसाफ की मांग करने लगे।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी आवास पहुंचने की सूचना नगर कोतवाली पुलिस को लगी तो तत्काल नगर कोतवाली पुलिस जिलाधिकारी आवास पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाने बुझाने में जुट गई और जल्द मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया तब कही जाकर ग्रामीण डीएम आवास से हटे।