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घुड़सवारी और महंगी गाड़ियों के साथ अब ये है राजा भैया का नया शौक, जानें क्या है दिलचस्प बातें

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया का नया शौक सामने आया है। वैसे तो राजा भैया घुड़सवारी और निशानेबाजी के शौकीन है। लेकिन इस बार राजा भैया बेती कोठी पर राजा भैया तीतर कुश्ती  प्रतियोगिता देखते हुए नजर आए। घंटों तक राजा भैया सैकड़ों ग्रामीणों के बीच तीतर की कुश्ती देखते रहेय़ तीतरों की लड़ाई देखने का नया शौक राजा भैया के शौक में शुमार हो गया है।

प्रतापगढ़ के बेती कोठी पर तीतरों की जंग की प्रतियोगिता का आयोजन माह के प्रथम दिन किया जाता है। प्रयागराज, कौशांबी और प्रतापगढ़ के ग्रामीण सैकड़ों तीतरों को लेकर हर माह की पहली तारीख को आते है। फिर राजा भैया के बेती कोठी परिसर में तीतरों की खौफनाक जंग होती है। इस अनोखी कुश्ती प्रतियोगिता को देखने के लिए कुंडा के बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया भी बतौर दर्शक के रूप मे शामिल होते हैं।

घंटों तक बैठकर राजा भैया तीतरों की जंग को देखते हैं। तीतरों की प्रतियोगिता को देखने के लिए कुंडा इलाके से भारी भीड़ भी उमड़ पड़ती है। इस रविवार को बेती कोठी पर तीतरों की प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता के दौरान तीतरों ने कमाल दिखाया और प्रयागराज के रमाशंकर का तीतर विजयी हुआ ।

बता दें कि घुड़सवारी और निशानेबाजी के शौकीन लखनऊ विश्वविद्यालय से मिलिट्री साइंस और भारतीय मध्यकालीन इतिहास में स्नातक हैं। लोगों का यह भी मानना है कि राजा भैया ने अपने तालाब में घड़ियाल पाल रखे हैं और वे अपने विरोधी लोगों को उन घड़ियालों का निवाला बना देते हैं। हालांकि राजा भैया इस बात से इनकार करते हैं।

राजा भैया के बारे में दिलचस्प बातें….

1- रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का जन्म 31 अक्टूबर, 1967 को प्रतापगढ़ के भदरी रियासत में हुआ है.

2- उनके पिता का नाम उदय प्रताप सिंह और माता मंजुल राजे है. मंजुल राजे भी एक शाही परिवार की है.

3- रघुराज प्रताप सिंह को राजा भैया और तूफान सिंह के नाम से भी जाना जाता है.

4- राजा भैया को घुड़सवारी का बहुत शौक है. एक बार घोड़े से गिरने से उनकी दो पसलियां टूट गईं.

5- राजा भैया बुलेट, जिप्सी के साथ ही हेलीकॉप्टर की सवारी का शौक रखते हैं.

6- 1993 में हुए विधानसभा चुनाव से उन्होंने राजनीति में कदम रखा था. तब से वह लगातार विधायक बने हुए हैं.

7- मंदिर आंदोलन के दौर में मुलायम ने उनका विरोध किया था. उनपर दंगों में भूमिका निभाने का आरोप था.

8- यूपी में राजा भैया ठाकुरों और ब्राह्मणों की विरोधी राजनीति की एक धुरी बन चुके हैं.

9- दबंग राजा को अपने पिता से डर लगता था. बचपन में वह उनसे कभी आंख भी नहीं मिला पाते थे.

10- उनके पास करीब 200 करोड़ से ज्यादा चल-अचल संपत्ति बताई जाती है. इसमें पैतृक संपत्ति भी शामिल है.

राजा भैया के बारे में कहा जाता है कि वो तो उत्तर प्रदेश की राजनीति के दबंग हैं और कुंडा विधानसभा क्षेत्र से उन्हें आज ‍तक किसी ने चुनौती भी नहीं दी। वे धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं। लोगों का यह भी मानना है कि राजा भैया यदि दोषी है तो उसका फैसला अदालत करेगी। इतना ही नहीं कुंडा हत्याकांड में शिकार हुए ग्राम प्रधान व उनके भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे राजा भैया। इस अवसर उनके साथ सांसद शैलेन्द्र व विधायक मुन्ना यादव भी मौजूद थे।