अमेरिका में आपस में शादी करने वाली 2 युवतियों ने भारत लौटने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर अपनी शादी पंजीकृत करने की मांग की है। दोनों युवतियों ने दिल्ली हाई कोर्ट में विशेष विवाह अधिनियम के तहत उनकी शादी को पंजीकृत कराने की इजाजत देने की मांग के लिए याचिका दायर की है।
बताया जा रहा है कि दोनों युवतियों ने दावा किया कि दोनों की शादी संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई थी, लेकिन भारतीय वाणिज्य दूतावास ने एसएमए के तहत उनके विवाह को पंजीकृत नहीं किया, क्योंकि वे समलैंगिक हैं।
दोनों युवतियों की याचिका पर न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ मामले को मुख्य न्यायामूर्ति के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। मुख्य पीठ पहले से ही हिंदू विवाह अधिनियम और एसएमए के तहत समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
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दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में दोनों युवतियों ने दलील दी कि संविधान के अनुच्छेद-21 में किसी व्यक्ति से शादी करने का अधिकार दिया गया है। यह अधिकार पूरी समलैंगिकों पर भी लागू होता है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से एसएमए को लैंगिक पहचान और यौन अभिविन्यास में भेद किए बिना लागू करने का आदेश देने के साथ ही उप-विभागीय मजिस्ट्रेट कालकाजी को उनकी शादी को पंजीकृत करने का निर्देश देने की मांग की है। बता दें कि भारतीय समाज इस तरह की शादी को मान्यता नहीं देता है। ऐसे में यह अपने आप में जटिल मामला है। ऐसे में अब दोनों युवतियों के साथ सबकी निगाहें दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई और फैसले पर लगी हैं।